uch adhyayna ke chatro ke bich atm prabandhan ke sambandh mi soch shaili par ek manovaidnyanik adhyayn

Contenido principal del artículo

Sumanlata Katiyaar
Dr Haldhar Yadav

Resumen

वतटमान अध्ययन में, शोधकताटका मुख्य उद्देश्य उच्च अध्ययन केछात्रों केबीच आत्म प्रबंधन केसाथ सोच शैली केसंबंध की जांच करना
है। टवशेष रूप से उच्च टशक्षा में अध्ययनरत छात्रों के टलए, शैक्षटिक और सामाटजक सफलता अटधक महत्वपूिटहै। यह उपलटधध बाद मेंपेशेवर
सफलता में योगदान करती है। आत्म-प्रबंधन का अंटतम लक्ष्य इच्छाओंऔर कतटव्यों केबीच जीवन मेंसंतुलन प्राप्त करनेकेटलए बुटनयादी एवंस्वयं
की जरूरतों को पूरा करनेकेटलए गुिवत्तापूिट होना है। आत्म-प्रबंधन का अथटसकारात्मक दृटिकोि और व्यवहारहैजो जीवन को उस तरह सेजीनेमें
सहायता करता है टजस तरह से व्यटि देखता है। यह इच्छाओंकी पूटतटको इंटगत करता हैलेटकन सकारात्मक तरीकेसे। आत्म-प्रबंधन एक सकारात्मक
पहलूहै। इसमेंटकसी भी अवांटछत तरीकेसेइच्छाओंकी पूटतटशाटमल नहीं है। यह इंटगत करता हैटक सोच शैली आत्म-प्रबंधन केसाथ टनकिता से
जुडी हुई है। यह सकारात्मक व्यवहार सेसंबंटधत है। अध्ययन के टनष्कषट छात्रों के बीच सकारात्मक व्यवहार को टवकटसत करने में मदद करेंगे टजससे
बेहतर आत्म-प्रबंधन केटलए झुकाव सही सोच शैली की ओर अग्रसरहोगा।

Detalles del artículo

Sección
Articles